Sunday, 20 May 2018
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21 बरस की बाली उमर को सलाम, लेकिन
दो साल पहले प्रथम वर्ष में पढ़ने वाली लड़की से मेरी बातचीत बस में सफ़र के दौरान शुरू हुई थी। शाम को काम से थकी हारी वह मुझे बस स्टॉप पर मिल...
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पिंजड़ा तोड़ मुहिम को देखते हुए कुछ सवाल अपने आप ज़ेहन में आ जाते हैं:- इसकी शुरुआत वजह, कब कैसे कब तक पिंजड़ा तोड़ के मायने क्या हैं? ...
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दो साल पहले प्रथम वर्ष में पढ़ने वाली लड़की से मेरी बातचीत बस में सफ़र के दौरान शुरू हुई थी। शाम को काम से थकी हारी वह मुझे बस स्टॉप पर मिल...
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सच्ची बोलूँ मुझे खुद नहीं पता था कि मुझे क्या बनना था। लेकिन आज मुझे पता है कि मुझे क्या बन जाना चाहिए। मैं आज भी आसमान में ताकना बंद नहीं ...

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